उदयपुर में खाकी शर्मसार: रिश्वत में मांगे ₹8 लाख, नहीं मिले तो उठा ले गए बकरा और मुर्गे; SHO समेत कांस्टेबल गिरफ्तार

उदयपुर में खाकी शर्मसार: रिश्वत में मांगे ₹8 लाख, नहीं मिले तो उठा ले गए बकरा और मुर्गे; SHO समेत कांस्टेबल गिरफ्तार

Demanded ₹8 Lakh in Bribes

Demanded ₹8 Lakh in Bribes; When Refused, They Seized a Goat and Chickens

नई दिल्ली। Demanded ₹8 Lakh in Bribes; When Refused, They Seized a Goat and Chickens, राजस्थान के उदयपुर जिले में रिश्वतखोरी के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहां आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने रिश्वत नहीं मिलने पर पीड़ित परिवार से नकदी के साथ बकरा और मुर्गे तक उठा लिए।

इस मामले में एसीबी ने कांस्टेबल भालाराम पटेल को 8 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया, जबकि मांडवा थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री को भी बाद में गिरफ्तार किया गया।

क्या है मामला?

मामले के अनुसार 20 मार्च को मांडवा थाना पुलिस ने साडीफलां और नदीफला गांव में दबिश देकर डोडा-चूरा बरामद किया था। आरोप है कि फरार आरोपियों के परिजनों को एनडीपीएस एक्ट में फंसाने की धमकी देकर 5-5 लाख रुपए की मांग की गई। जब परिजनों ने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया तो पुलिसकर्मियों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी करीब 7500 रुपए नकद के साथ एक बकरा और मुर्गे भी जबरन ले गए। इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बाद में सौदा 8 लाख रुपए में तय हुआ, जिसकी शिकायत एसीबी को दी गई।

रंगेहाथ रिश्वत लेते पकड़ा गया कॉन्सटेबल

22 मार्च को एसीबी ने जाल बिछाकर कॉन्स्टेबल को पीड़ित के घर से रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। पूछताछ में उसने रकम एसएचओ के लिए लेने की बात कबूल की। इसके बाद एसीबी ने मांडवा थाने पहुंचकर एसएचओ को भी गिरफ्तार कर लिया।

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बकरा और मुर्गे ले जाने के आरोपों की जांच के निर्देश दिए हैं।